श्रवण हानि, टिनिटस और हियरिंग एड पर ENT और ऑडियोलॉजी दृष्टिकोण से स्पष्ट जानकारी।
श्रवण स्वास्थ्य
श्रवण हानि: संकेत, प्रकार और जाँच
सुनने की कमी धीरे-धीरे हो सकती है। बार-बार पूछना, टीवी की आवाज बढ़ाना और समूह में बातचीत न समझना सामान्य संकेत हैं।
श्रवण हानि के प्रकार
बाहरी या मध्य कान में ध्वनि रुकने पर कंडक्टिव हानि होती है। भीतरी कान या श्रवण तंत्रिका प्रभावित होने पर सेंसोरीन्यूरल हानि होती है। दोनों साथ भी हो सकती हैं।
जाँच में क्या होता है?
कान की जाँच के बाद प्योर-टोन ऑडियोमेट्री अलग-अलग पिच पर सबसे धीमी सुनाई देने वाली आवाज मापती है। जरूरत पर स्पीच टेस्ट और टिम्पैनोमेट्री की जाती है।
उपचार
कारण के अनुसार वैक्स निकालना, संक्रमण का इलाज, सर्जरी, हियरिंग एड या अन्य श्रवण उपकरण सुझाए जा सकते हैं।
टिनिटस
कान में बजना या दूसरी आवाजें
बाहरी स्रोत के बिना रिंगिंग, बज़, हिस या हम सुनना टिनिटस कहलाता है। यह एक लक्षण है, अलग बीमारी नहीं।
कारण
श्रवण हानि, तेज आवाज, कान का मैल, संक्रमण, कुछ दवाएँ, जबड़े की समस्या, तनाव और खराब नींद इसे प्रभावित कर सकते हैं।
प्रबंधन
पहचाने गए कारण का इलाज, श्रवण हानि में हियरिंग एड, हल्की पृष्ठभूमि ध्वनि, बेहतर नींद और काउंसलिंग मदद कर सकते हैं। सभी के लिए एक ही दवा नहीं है।
श्रवण तकनीक
अपने लिए सही हियरिंग एड चुनना
सही हियरिंग एड आपकी जाँच, कान की बनावट, जीवनशैली और उपकरण संभालने की सुविधा के अनुरूप होना चाहिए।
सामान्य प्रकार
BTE कान के पीछे रहता है; RIC में छोटा स्पीकर कान की नली में होता है। ITE कान के अनुसार बनता है। CIC/IIC छोटे होते हैं, लेकिन हर व्यक्ति के लिए सही नहीं होते।
फीचर और फॉलो-अप
रिचार्जेबल बैटरी, ब्लूटूथ और दिशात्मक माइक्रोफोन उपयोगी हो सकते हैं। सही प्रोग्रामिंग, नियमित उपयोग और फाइन-ट्यूनिंग जरूरी हैं।